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रविवार, 8 फ़रवरी 2015

16 फरवरी से गूगल अपनी Gtalk मैसेंजर चैटिंग सर्विस हमेशा के लिए बंद करने जा रहा है।

16 फरवरी से गूगल अपनी Gtalk मैसेंजर चैटिंग सर्विस हमेशा के लिए बंद करने जा रहा है। इसके बाद यूजर्स को चैटिंग के लिए गूगल के हैंगआउट का सहारा लेना होगा। करोड़ों लोग जीटॉक सर्विस का काफी वक्त से इस्तेमाल कर रहे हैं। गूगल ने इसका संशोधित वर्जन हैंगआउट उतारा, लेकिन जटिल इंटरफेज की वजह से यह लोगों को ज्यादा नहीं पंसद आया। इसी वजह से अधिकतर यूजर अपने जीमेल के इनबिल्ट चैट ऑप्शन में भी हैंगआउट के बजाए जीटॉक की इंस्टेंट मैसेजिंग सर्विस का ही इस्तेमाल करना बेहतर समझते हैं। शायद यही वजह है कि कंपनी अब जीटॉक को पूरी तरह बंद करके हैंगआउट का विकल्प देगी। बता दें कि कुछ दिन पहले फेसबुक ने भी अपने मोबाइल ऐप से चैटिंग की सर्विस हटाते हुए अलग से मैसेंजर ऐप डाउनलोड करने की बाध्यता लागू की थी। 

डाउनलोड करना होगा हैंगआउट
कंपनी के अनुसार, गूगल का फ्यूचर हैंगआउट है और इसलिए जीटॉक को बंद करना कंपनी के लिए जरूरी हो गया है। जीटॉक को बंद करने की प्रक्रिया गूगल ने उस वक्त ही शुरू कर दी थी जब कंपनी ने जीटॉक के डेस्कटॉप एप्लिकेशन के लिए सर्विस सपोर्ट और नए वर्जन निकालना बंद कर दिया था। अब डेस्कटॉप एप्लिकेशन को पूरी तरह से बंद कर दिया जाएगा। जहां तक गूगल की इंटस्टेंट मैसेजिंग सर्विस का सवाल है, यह अभी पूरी तरह से बंद नहीं होगी, लेकिन इसे सिर्फ क्रोम ब्राउजर के जरिए इस्तेमाल किया जा सकेगा। 16 फरवरी के बाद यूजर्स को डेस्कटॉप क्लाइंट के लिए जीटॉक ऐप की जगह हैंगआउट का इस्तेमाल करना होगा।


जीटॉक से कैसे अलग होगा हैंगआउट
जीटॉक में कॉन्टैक्ट्स के पीछे डार्क थीम दी जाती थी, वहीं हैंगआउट में पीछे ट्रांसपेरेंट बैकग्राउंड होगा। इसके अलावा, हैंगआउट में सभी ऑनलाइन कॉन्टैक्ट्स के आगे ग्रीन लाइट होगी और जो लोग ऑनलाइन नहीं होगे उनके आगे कुछ नहीं। जीटॉक में ऑफलाइन साइन शो होता है। हैंगआउट में चैट विंडो में नीचे की ओर दो स्विच दिए जाएंगे, जिसमें से एक स्विच में वो कॉन्टैक्ट्स होंगे जिनसे हाल ही में चैट की गई है और दूसरी में बाकी अन्य कॉन्टैक्टस।

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